संसद मार्ग हिंसा: उपद्रवियों के बीच फंसे ACP विवेक भगत को DCP विनीत कुमार और टीम ने सुरक्षित निकाला
Sansad Marg Violence: DCP Vineet Kumar and his team rescued ACP Vivek Bhagat
नई दिल्ली। बीते बुधवार की रात साढे आठ बजे संसद मार्ग-टालस्टाय मार्ग की लालबत्ती के पास उपद्रवियों ने जब अचानक सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात विवेक भगत को चारों ओर से घेरकर उन्हें जमीन पर गिराकर बुरी तरीके से पिटाई करनी शुरू कर दी तब वहां कुछ दूरी तक तैनात डीसीपी आइएफएसओ विनीत कुमार और उनकी टीम के पुलिसकर्मियों ने बहुत ही सुझबूझ से उनकी जान बचाई।
उपद्रवियों के चंगुल से एसीपी को छुड़ाने के लिए विनीत कुमार ने पहले हल्का लाठी चार्ज किया। लाठी चार्ज करने पर उपद्रवी जब एसीपी को छोड़कर भाग खड़े हुए तब विनीत कुमार और उनकी टीम में शामिल एसीपी राजौरी गार्डन शरद चंद्र निर्मल, हवलदार राहुल और सिपाही दीपक ने एसीपी विवेक भगत को अपने कब्जे में ले लिया।
पूरे शरीर पर गहरे चोट के निशान
डीसीपी ने सुझबूझ दिखाते हुए आरएएफ को आगे पथराव करने वाले का माेर्चा थामने को कहा और पीछे से वह और उनकी टीम एसीपी को चारों तरफ से घेरकर वहां से सुरक्षित स्थान पर लेकर चले गए। विवेक भगत की इतनी बुरी तरीके से पिटाई की गई कि उनके पूरे शरीर पर गहरे चोट के जख्म हैं।
विवेक भगत का कहना है कि वह सेक्टर-एक, जोन-एक (जंतर-मंतर क्षेत्र) में दिन और शाम की शिफ्ट की गश्त पर थे। शाम के समय जब वह अपनी टीम प्रोबेशनर एसीपी रोहित, आपरेटर नवनीत और छह अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे तभी रीगल बिल्डिंग के पास अचानक भीड़ का रुख आक्रामक हो गया। उपद्रवियों ने उन्हें घेरकर पिटाई शुरू कर दी।
पुलिस को निशाना बनाना था मकसद
उनके पूरे शरीर और सिर पर गंभीर चोटें आई, पूरा चेहरा खून से लथपथ हो गया। एसीपी का कहना है कि यह कोई सामान्य विरोध प्रदर्शन नहीं था, बल्कि भीड़ का रवैया बेहद उग्र और हिंसक था। भीड़ का मकसद स्पष्ट रूप से पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाना था। हमारे जवानों को अलग-थलग करके उनपर जानलेवा हमला किया गया।